Saturday, 3 November 2018

कैबिनेट ने बेनामी संपत्ति लेन-देन निषेध अधिनियम, 1988 के तहत निर्णयन प्राधिकरण के गठन और अपीलीय न्‍यायाधिकरण की स्‍थापना को स्‍वीकृति दी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बेनामी संपत्ति लेन-देन निषेध अधिनियम (पीबीपीटी), 1988 के तहत निर्णयन प्राधिकरण के गठन और अपीलीय न्‍यायाधिकरण की स्‍थापना को स्‍वीकृति दे दी है।
मुख्‍य बातें :
   i.     पीबीपीटी अधिनियम के तहत तीन अतिरिक्‍त खंडपीठों के साथ निर्णयन प्राधिकरण का गठन किया जाएगा और अपीलीय न्‍यायाधिकरण की स्‍थापना की जाएगी।
  ii.     निर्णयन प्राधिकरणइस प्राधिकरण की खंडपीठों और अपीलीय न्‍यायाधिकरण को अधिकारीगण एवं कर्मचारीगण उपलब्‍ध कराये जायेंगे। आयकर विभाग/केन्‍द्रीय प्रत्‍यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) में समान स्‍तर/रैंक वाले वर्तमान पदों का उपयोग अन्‍यत्र करके यह काम पूरा किया जाएगा।
  iii.     निर्णयन प्राधिकरण और अपीलीय न्‍यायाधिकरण दिल्‍ली के राष्‍ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीटीडी) में ही अवस्‍थित होंगे। निर्णयन प्राधिकरण की खंडपीठ कोलकातामुम्‍बई और चेन्‍नई में अवस्थित हो सकती है। प्रस्‍तावित निर्णयन प्राधिकरण के अध्‍यक्ष के साथ सलाह-मशवि‍रा करने के बाद ही इस बारे में आवश्‍यक अधिसूचना जारी की जायेगी।
लाभ :
उपर्युक्‍त मंजूरी मिल जाने से निर्णयन प्राधिकरण को सौंपे गये मामलों का कारगर एवं बेहतर निपटान संभव होगा और इसके साथ ही निर्णयन प्राधिकरण के ऑर्डर के खिलाफ अपीलीय न्‍यायाधिकरण में की जाने वाली अपील का भी त्‍वरित निपटान संभव हो पायेगा।
निर्णयन प्राधिकरण के गठन से पीबीपीटी अधिनियम के तहत की जाने वाली प्रशासनिक कार्रवाई की प्रथम चरण समीक्षा करने में मदद मिलेगी। प्रस्‍तावित अपीलीय न्‍यायाधिकरण की स्‍थापना से पीबीपीटी अधिनियम के तहत निर्णयन प्राधिकरण द्वारा जारी किये जाने वाले ऑर्डर के खिलाफ अपील करने की समुचित व्‍यवस्‍था संभव हो पायेगी।

Tuesday, 30 October 2018

वस्तु एवं सेवा कर परिषद - अब तक की यात्रा; जीएसटी परिषद की 30 बार बैठक हुई, अपने संवैधानिक गठन के बाद 918 निर्णय लिए गए; इनमें से 96 प्रतिशत निर्णयों को 294 अधिसूचनाओं के जरिए लागू किया गया

अब तक, वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) परिषद ने जीएसटी कानूनों, नियमों, दरों, मुआवजे और कराधान सीमा से संबंधित 918 निर्णय लिए हैं। केंद्र सरकार द्वारा जारी 294 अधिसूचनाओं के माध्यम से 96% से अधिक निर्णय पहले ही लागू किए जा चुके हैं और बाकी बचे निर्णय कार्यान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं। प्रत्येक राज्य द्वारा भी संबंधित एसजीएसटी अधिसूचनाओं की लगभग बराबर संख्या जारी की गई है।

केंद्रीय वित्त मंत्री की अध्यक्षता में जीएसटी परिषद के सदस्यों ने सामंजस्यपूर्ण और सहयोगी की तरह नए जीएसटी शासन के व्यापक रूप से चर्चा करने के साथ-साथ इसके कई अन्य पहलूओं पर भी चर्चा की है। अब तक, 30 जीएसटी परिषद की बैठकें हुई हैं। प्रत्येक जीएसटी परिषद की बैठक से पहले विस्तृत एजेंडा नोट तैयार किए गए थे और परिषद के सदस्यों को विचाराधीन मुद्दों की पूरी तरह से देखने के लिए प्रारंभिक अधिकारी की बैठक में इस पर चर्चा की गई थी। 30 जीएसटी परिषद बैठक के लिए विस्तृत एजेंडा नोट्स 4730 पृष्ठों का है। जीएसटी परिषद में चर्चाएं विस्तार से की गई थी, जो परिषद के सामूहिक दर्शन में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है और इसे 1394 पृष्ठों में इन 30 परिषद बैठकों के प्रत्येक मिनट को बारीकी से समाहित किया गया है।
जीएसटी परिषद का गठन 15 सितंबर 2016 को संविधान के अनुच्छेद 279ए के तहत किया गया था। इसमें केंद्रीय वित्त मंत्री (अध्यक्ष), राजस्व या वित्त विभाग के प्रभारी राज्यमंत्री और वित्त या कराधान के प्रभारी मंत्री या प्रत्येक राज्य सरकार द्वारा नामित कोई भी अन्य मंत्री शामिल हैं। केंद्रीय राजस्व सचिव जीएसटी परिषद के कार्यकारी सचिव हैं। जीएसटी परिषद के कार्य ने एक नए चरण की शुरुआत की है, जहां केंद्रीय और राज्य सरकारें देश के अप्रत्यक्ष कर शासन से संबंधित सभी मुद्दों पर सामूहिक निर्णय लेने के लिए मिलकर काम करती हैं।

राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंद 29-30 अक्टूबर, 2018 को को हिमाचल प्रदेश के दौरे पर जाएंगे।

29 अक्टूबर, 2018 को, राष्ट्रपति कांगड़ा में डॉ राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज के पहले दीक्षांत समारोह में भाग लेंगे।  

30 अक्टूबर, 2018 को, राष्ट्रपति शिमला में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के 24वें दीक्षांत समारोह में भाग लेंगे।  


Thursday, 28 June 2018

सरकार के तमाम दावे फेल, स्‍वि‍स बैंक में 50 फीसदी बढ़ा भारतीयों का कालाधन

ज्यूरिख : भारतीयों का स्विस बैंकों में जमा धन चार साल में पहली बार बढ़ कर पिछले साल एक अरब स्विस फैंक (7,000 करोड़ रुपए) के दायरे में पहुंच गया, जो एक साल पहले की तुलना में 50 प्रतितशत की वृद्धि दर्शाता है. स्विट्जरलैंड के केंद्रीय बैंक के ताजा आंकड़ों में यह बात सामने आई है. इसके अनुसार भारतीयों द्वारा स्विस बैंक खातों में रखा गया धन 2017 में 50% से अधिक बढ़कर 7000 करोड़ रुपए (1.01 अरब फ्रेंक) हो गया. इससे पहले तीन साल यहां के बैंकों में भारतीयों के जमा धन में लगातार गिरावट आई थी. अपनी बैंकिंग गोपनीयता के लिए पहचान बनाने वाले इस देश में भारतीयों के जमाधन में ऐसे समय दिखी बढ़ोतरी हैरान करने वाली है, जबकि भारत सरकार विदेशों में कालाधन रखने वालों के खिलाफ अभियान चलाए हुए है.

स्विस नेशनल बैंक (एसएनबी) के सालाना आंकड़ों के अनुसार स्विस बैंक खातों में जमा भारतीय धन 2016 में 45 प्रतिशत घटकर 67.6 करोड़ फ्रेंक (लगभग 4500 करोड़ रुपए) रह गया था. यह राशि 1987 से इस आंकड़े के प्रकाशन की शुरुआत के बाद से सबसे कम थी. एसएनबी के आंकड़ों के अनुसार भारतीयों द्वारा स्विस बैंक खातों में सीधे तौर पर रखा गया धन 2017 में लगभग 6891 करोड़ रुपए (99.9 करोड़ फ्रेंक) हो गया. वहीं प्रतिनिधियों या धन प्रबंधकों के जरिए रखा गया धन इस दौरान 112 करोड़ रुपए (1.62 करोड़ फ्रेंक) रहा.

ताजा आंकड़ों के अनुसार स्विस बैंक खातों में जमा भारतीयों के धन में ग्राहक जमाओं के रूप में 3200 करोड़ रुपए, अन्य बैंको के जरिए 1050 करोड़ रुपए शामिल हैं. इन सभी मदों में भारतीयों के धन में में बढ़ोतरी हुई. स्विस बैंक खातों में रखे भारतीयों के धन में 2011 में इसमें 12%, 2013 में 43%, 2017 में इसमें 50.2% की वृद्धि हुई. इससे पहले 2004 में यह धन 56% बढ़ा था.

Source:-ZEENEWS

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Friday, 22 June 2018

कश्मीर में 21 टॉप आतंकियों की 'हिट लिस्ट' तैयार, एक-एक को चुन-चुनकर मारेंगे सुरक्षाबल!

नई दिल्‍ली : कश्‍मीर में आतंकियों के खिलाफ सुरक्षाबलों का ऑपरेशन तेज हो गया है. शुक्रवार को दक्षिणी कश्‍मीर के नौशेरा गांव में आतंकी संगठन इस्‍लामिक स्‍टेट ऑफ जम्‍मू एंड कश्‍मीर (आईएसजेके) के चीफ दाऊद अहम सलाफी और उसके तीन साथी आतंकियों को मार गिराए जाने के बाद सुरक्षाबलों की 'हिट लिस्‍ट' में 21 टॉप टेरेरिस्‍ट हैं. यह मुठभेड़ सालाना अमरनाथ यात्रा शुरू होने से छह दिन पहले हुई.

जानकारी के अनुसार, दाऊद जिसे सलाफी और बुरहान के नाम से भी जाना जाता था वह आईएसआईएस का जम्‍मू-कश्‍मीर प्रमुख था. वह पुलिसकर्मियों पर कई आतंकियों हमलों, हथियार छीनने, पत्‍थरबाजी के मामलों में भी शामिल था. राज्‍य में राज्‍यपाल शासन लगने के बाद यह एनकाउंटर सुरक्षाबलों की एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है.

टाइम्‍स ऑफ इंडिया में प्रकाशित खबर के अनुसार, सुरक्षाबल सूत्रों के मुताबिक, 21 मोस्‍ट वॉन्‍टेड आतंकियों के खिलाफ बड़े ऑपरेशन चल रहे हैं, जिनमें 11 हिजबुल मुजाहिद्दी, सात लश्‍कर-ए-तैयबा, दो जैश-ए-मोहम्‍मद और एक अनसर गजवत उल-हिंद (एजीएच) के आतंकी शामिल हैं.

हिट लिस्‍ट में शामिल लश्‍कर के तीन अन्‍य आतंकी पाकिस्‍तान से हैं. उनके नाम अबु मुस्लिम, अबु ज़रगाम और मोहम्‍मद नवीद जद. इन्‍हें A+ श्रेणी में रखा गया है.

हिजबुल के अन्‍य आतंकी मोहम्‍मद अशरफ खन (कोकेरनाग, अनंतनाग), मोहम्‍मद अब्‍बास शेख (कैमूह, कुलगाम), सैफुल्‍लाह मीर (मलंगपुर, पुलवामा), लतीफ अहमद डार (डोगीरपुर, अवंतीपुर), उमर फयाज लोन (त्राल), मनन वनी (कुपवाड़ा निवासी एएमयू रिसर्च स्‍कॉलर) औश्र जुनैद अशरफ सहरई (तहरीक ए हुर्रियत के प्रमुख अशरफ सहरई का बेटा). वहीं लश्‍कर ए तैयबा के अन्‍य आतंकियों में आजाद अहमद मसलिक (मलिकपुर, अनंतनाग), शकूर अहमद डार (तेंगपुरा, कुलगाम), रियाज अहमद डार (पुलवामा) शामिल हैं. जैश ए मोहम्‍मद के दो अन्‍य आतंकियों में जहीद अहमद वनी (करीमाबाद, पुलवामा) और मुदासिर अहमद खान (मीदपुर, अवंतीपुर) शामिल है.

Source:-ZEENEWS

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Tuesday, 19 June 2018

अरविंद केजरीवाल के बाद शिवसेना ने इस पार्टी को दिया समर्थन, ये है वजह

मुंबई: दिल्ली में उपराज्यपाल के दफ्तर में चल रहे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के धरने का समर्थन करने के एक बाद, शिवसेना ने केंद्र के नागरिकता (संशोधन) विधेयक का विरोध कर रही असम गण परिषद (अगप) के साथ मंगलवार(19 जून) को सहानुभूति जताई. शिवसेना ने 2014 में जबर्दस्त बहुमत के साथ भाजपा के सत्ता में आने को ‘ राजनीतिक दुर्घटना ’ करार दिया है और कहा है कि अगले आम चुनाव में ऐसा फिर नहीं होगा.

शिवसेना ने पीएम पर कसा तंज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जल्दी- जल्दी विदेश यात्राओं पर तंज कसते हुए पार्टी ने कहा कि भारत में आंधी आ रही है और प्रधानमंत्री अधिकतर देश से बाहर रहने की वजह से इससे प्रभावित नहीं होते हैं. महाराष्ट्र में भाजपा के साथ सत्ता में साझेदार शिवसेना ने कहा कि अगप के कुछ प्रतिनिधि कल पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे के घर ‘मातोश्री’ आए थे.

शिवसेना ने कहा कि अगप असम में भाजपा की सहयोगी है
शिवसेना ने पार्टी मुखपत्र ‘सामना’ में प्रकाशित एक संपादकीय में कहा कि इन लोगों ने यह विचार व्यक्त किया कि शिवसेना राष्ट्रीय स्तर पर क्षेत्रीय पार्टियों के गठबंधन की अगुवाई करे. शिवसेना ने कहा कि अगप असम में भाजपा की सहयोगी है और नागरिकता (संशोधन) विधेयक का कड़ा विरोध कर रही है. शिवसेना ने कहा कि हर क्षेत्र के गर्व के अपने तत्व होते हैं. इसलिए भाषा आधारित राज्य गठन नीति को स्वीकार किया गया.

शिवसेना ने महाराष्ट्र के अगले विधानसभा में जीत का भरोसा जताया है
इसबीच, शिवसेना ने महाराष्ट्र के अगले विधानसभा में जीत का भरोसा जताया है. पार्टी पहले ही भविष्य में होने वाले चुनाव अकेले लड़ने का ऐलान कर चुकी है. संपादकीय में कहा गया है , ‘‘शिवसेना अपने बल पर महाराष्ट्र में निश्चित रूप से सत्ता में आएगी.

पार्टी केंद्र में पर्याप्त सीटें हासिल करेगी और एक ऐसा कारक बनेगी जो यह फैसला करेगा कि दिल्ली के सिंहासन (प्रधानमंत्री पद) पर कौन आसीन होगा. ’’ इसमें कहा गया है कि पार्टी ने 52 साल पूरे कर लिए हैं और यह सफर संघर्ष से भरा रहा. 

Source:-ZEENEWS

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Monday, 18 June 2018

पहले की तरह 20 भाषाओं में होगी CTET की परीक्षा : प्रकाश जावड़ेकर

नई दिल्ली: केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने सीबीएसई को केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सेंट्रल टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट) पहले की ही तरह 20 भाषाओं में आयोजित करने का आदेश दिया है.  जावड़ेकर ने यह आदेश तमिल , मलयालम , तेलुगु , कन्नड़ , गुजराती और बांग्ला सहित 17 भाषाओं को सीटीईटी के लिए विकल्पों की सूची से हटाने के सीबीएसई के फैसले की व्यापक आलोचना होने के बाद दिए है.

जावड़ेकर ने ट्वीट किया ‘सीटीईटी परीक्षा पहले की तरह ही सभी भारतीय भाषाओं में ली जाएगी. मैंने सीबीएसई को उसी तरह सभी 20 भाषाओं में यह परीक्षा लेने का आदेश दिया है , जिस तरह पहले यह परीक्षा ली जाती थी.’

उन्होंने लिखा ‘तमिल और 16 अन्य क्षेत्रीय भाषाओं को केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा से हटाने का फैसला अत्यंत निंदनीय और संघवाद की जड़ों पर प्रहार है. सीबीएसई के , तमिल मातृभाषा वाले छात्र को शिक्षकों के बिना गहरा नुकसान ही होगा.’

कनिमोई ने कहा ‘छात्र अपनी मातृभाषा पढ़ने के बजाय हिंदी और संस्कृत पढ़ने के लिए बाध्य हैं. इससे पूरे देश में एक अन्य भाषा संघर्ष शुरू हो जाएगा. यह हिन्दी - हिन्दू हिन्दुस्तान बनाने की भाजपा की एक और कोशिश है.’

Source:-ZEENEWS

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