प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रमंडल देशों के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए पिछले दिनों ब्रिटेन गए थे. इस दौरान उनकी मुलाकात राष्ट्रमंडल देशों की प्रमुख और ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय(91) से हुई.
एलिजाबेथ द्वितीय 1952 में ब्रिटेन की महारानी बनी थीं. वह इस वक्त सबसे लंबे समय तक शासन करने वाली जीवित शासिका हैं. वह ब्रिटेन की ऐसी महारानी हैं जिन्होंने भारत के अब तक के सभी प्रधानमंत्रियों का कार्यकाल देखा है. राष्ट्रमंडल देशों का प्रमुख होने के नाते वह देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित नेहरू से लेकर मौजूदा पीएम नरेंद्र मोदी तक सबसे मिल चुकी हैं.
अपने चार दिवसीय ब्रिटेन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 अप्रैल को महारानी एलिजाबेथ द्वितीय से उनके बर्किंघम पैलेस में मुलाकात की और परस्पर हितों के मुद्दों पर चर्चा की. उन्होंने राष्ट्रमंडल शासनाध्यक्षों की बैठक (चोगम) से पहले महारानी से मुलाकात की. उसके बाद लंदन में चोगम की बैठक में 53 शासनाध्यक्षों ने भाग लिया. इसके बाद महारानी ने बर्किंघम पैलेस में उनके लिए भव्य रात्रिभोज का आयोजन किया.
इस बैठक के बाद राष्ट्रमंडल देशों के नेताओं के बीच महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के स्थान पर प्रिंस ऑफ वेल्स को राष्ट्रमंडल प्रमुख बनाने पर सहमति बन गई है. अब प्रिंस चार्ल्स राष्ट्रमंडल के 53 सदस्यीय देशों के प्रमुख के तौर पर जिम्मेदारी संभालेंगे. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, सदस्य देशों के बीच विंडसर कैसल में हुई गोपनीय बैठक में चर्चा के बाद शुक्रवार को इसका ऐलान किया गया.
महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने इससे पहले कहा था कि यह उनकी इच्छा है कि प्रिंस चार्ल्स को उनके स्थान पर राष्ट्रमंडल प्रमुख नियुक्त किया जाए. हालांकि, राष्ट्रमंडल प्रमुख का पद गैर-वशांनुगत है. ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे ने प्रिंस चार्ल्स के प्रति समर्थन जताया. थेरेसा ने कहा कि यह उपयुक्त है कि प्रिंस चार्ल्स राष्ट्रमंडल देशों से मिले समर्थन के चलते महारानी के स्थान पर यह पद संभालें.
Source:-Zeenews
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एलिजाबेथ द्वितीय 1952 में ब्रिटेन की महारानी बनी थीं. वह इस वक्त सबसे लंबे समय तक शासन करने वाली जीवित शासिका हैं. वह ब्रिटेन की ऐसी महारानी हैं जिन्होंने भारत के अब तक के सभी प्रधानमंत्रियों का कार्यकाल देखा है. राष्ट्रमंडल देशों का प्रमुख होने के नाते वह देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित नेहरू से लेकर मौजूदा पीएम नरेंद्र मोदी तक सबसे मिल चुकी हैं.
अपने चार दिवसीय ब्रिटेन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 अप्रैल को महारानी एलिजाबेथ द्वितीय से उनके बर्किंघम पैलेस में मुलाकात की और परस्पर हितों के मुद्दों पर चर्चा की. उन्होंने राष्ट्रमंडल शासनाध्यक्षों की बैठक (चोगम) से पहले महारानी से मुलाकात की. उसके बाद लंदन में चोगम की बैठक में 53 शासनाध्यक्षों ने भाग लिया. इसके बाद महारानी ने बर्किंघम पैलेस में उनके लिए भव्य रात्रिभोज का आयोजन किया.
इस बैठक के बाद राष्ट्रमंडल देशों के नेताओं के बीच महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के स्थान पर प्रिंस ऑफ वेल्स को राष्ट्रमंडल प्रमुख बनाने पर सहमति बन गई है. अब प्रिंस चार्ल्स राष्ट्रमंडल के 53 सदस्यीय देशों के प्रमुख के तौर पर जिम्मेदारी संभालेंगे. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, सदस्य देशों के बीच विंडसर कैसल में हुई गोपनीय बैठक में चर्चा के बाद शुक्रवार को इसका ऐलान किया गया.
महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने इससे पहले कहा था कि यह उनकी इच्छा है कि प्रिंस चार्ल्स को उनके स्थान पर राष्ट्रमंडल प्रमुख नियुक्त किया जाए. हालांकि, राष्ट्रमंडल प्रमुख का पद गैर-वशांनुगत है. ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे ने प्रिंस चार्ल्स के प्रति समर्थन जताया. थेरेसा ने कहा कि यह उपयुक्त है कि प्रिंस चार्ल्स राष्ट्रमंडल देशों से मिले समर्थन के चलते महारानी के स्थान पर यह पद संभालें.
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