Thursday, 31 May 2018

आजम खान बोले- 'विपक्ष की एकता के आगे बीजेपी का अहंकार चकनाचूर हो गया'

नई दिल्ली/रामपुर : उपचुनाव में बीजेपी को मिली हार के बाद सभी विपक्षी दलों के नेता एक साथ एकजुट होकर अपने-अपने तरीके से बीजेपी पर हमलावर है. समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान ने कहा कि यूपी उपचुनाव की इस जीत ने विपक्ष की एकता को उजागर किया है. उन्होंने कहा कि विपक्ष की एकता के आगे बीजेपी का अहंकार चकनाचूर हो गया. उन्होंने इस मौक पर पीएम मोदी पर भी जमकर प्रहार किया, साथ ही केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों पर भी एसपी नेता ने सवाल खड़े किए.


दुनिया के बड़े देशों में शुमार होता हिन्दुस्तान
उपचुनाव के नतीजे आने के बाद सपा के कद्दावर आजम खान ने बीजपी पर निशाना साधते हुए कहा, जो इंसाफ का रास्ता छोड़ेगा, उसकी ऐसी ही जिल्लत होगी. उन्होंने कहा कि साल 1992 में अगर गठबंधन खत्म नहीं हुआ होता तो हिन्दुस्तान आज दुनिया के चार बड़े देशों में शुमार होता. विपक्षी एकता के बारे में सपा नेता ने कहा कि अगर गठबंधन में किसी तरह की कमी न आए तो लोकतंत्र में जो ज्यादा हैं उन्हीं का राज होगा.

पीएम मोदी पर साधा निशाना
इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि घोटाले हो रहे हैं, नौजवानों को रोजगार नहीं मिला रहा है, ट्रेनें लेट हो रही है और देश का बादशाह भूखे देशवासियों का मजाक उड़ा रहा है, वो भी पतंग उड़ाकर. इस दौरान उन्होंने देश और प्रदेश की नीतियों पर भी सवाल खड़े किए.

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विधानसभा उपचुनाव : मेघालय में जीत के साथ कांग्रेस बनी सबसे बड़ी पार्टी

नई दिल्ली : 10  विधानसभा सीटों के लिए हुए उप चुनाव में मेघालय की अंपाती सीट जीत कर कांग्रेस अब राज्य में सबसे बड़ी पार्टी बन गई है. इसी साल फरवरी मार्च में हुए चुनाव में कांग्रेस और एनपीपी के बीच कांटे का मुकाबला रहा था. तब एनपीपी ने भाजपा और दूसरी पार्टियों के सहयोग से राज्य में सरकार बना ली थी. इस जीत के साथ ही कांग्रेस मेघालय में एनपीपी से आगे निकल गई है. अब तक दोनों के पास 20-20 सीटें थीं.

अंपाती सीट के लिए हुए चुनाव में कांग्रेस की उम्मीदवार मियानी डी शिरा ने नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के उम्मीदवार जी मोमीन को 3191 वोटों के अंतर से हराया. ये सीट मियानी के पिता मुकुल संगमा के छोड़ने के कारण ही खाली हुई थी. अंपाती विधानसभा क्षेत्र मेघालय में गारो हिल्स की चर्चित सीट रहा है. यहां हो रहे उपचुनाव में तीन उम्मीदवार अपना भाग्य आजमा रहे थे. 

मेघालय के पूर्व मुख्यमंत्री मुकुल संगमा विधानसभा चुनाव में अंपाती और सोंगसाक दो सीटों से जीते थे. इसके बाद उन्होंने अंपाती सीट छोड़ दी थी. इस सीट से उनकी बेटी कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ीं थीं. इस सीट के लिए सोमवार को हुए मतदान में 90.55 प्रतिशत वोटिंग हुई थी. ये सबसे ज्यादा वोटिंग थी. इसके साथ देश की अन्य विधानसभा सीटों के लिए वोटिंग हुई थी, लेकिन किसी और सीट पर इतनी वोटिंग नहीं हुई थी. अंपाती क्षेत्र में ज्‍यादातर आबादी गारो लोगों की है. इस सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री मुकुल संगमा लगातार 6 बार चुनाव जीत चुके हैं.

अब मेघालय में कांग्रेस होगी सबसे बड़ी पार्टी
मेघालय में अब कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी होगी. लेकिन वह सत्ता में नहीं होगी. कांग्रेस के पास अब 21 सीटें हो गई हैं. वहीं नेशनल पीपुल्स पार्टी के पास 20 सीटें हैं. चुनाव में उसे 19 सीटें ही मिली थीं. लेकिन बाद में उसे एक सीट पर जीत मिलने से उसकी संख्या कांग्रेस के बराबर हो गई थी. लेकिन अब कांग्रेस 21 सीट के साथ सबसे बड़ी पार्टी हो गई है. लेकिन सत्ता उसके पास नहीं होगी.

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Friday, 25 May 2018

मेरठ, कानपुर और आगरा में जल्द दौड़ेगी मेट्रो, DPR को योगी सरकार की मंजूरी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित मेट्रो परियोजनाओं को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ काफी गंभीर हैं. लखनऊ मेट्रो रेल कार्पोरेशन (LMRC) के अधिकारियों की माने तो कानुपर, मेरठ और अगरा में मेट्रो परियोजना की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) की मंजूरी उप्र सरकार से मिल गई है. इसके बाद अब इस डीपीआर को केंद्र सरकार की मंजूरी के लिए भेजा गया है. उम्मीद है कि जल्द ही यह केंद्रीय कैबिनेट में भी पास हो जाएगा. लखनऊ मेट्रो रेल कार्पोरेशन के निदेशक कुमार केशव ने न्यूज एजेंसी IANS के साथ विशेष बातचीत में इसकी जानकारी दी. उन्होंने कहा, 'उत्तर प्रदेश सरकार ने कानपुर, मेरठ और आगरा में मेट्रो के लिए बनाई गई डीपीआर को मंजूरी दे दी है. यह प्रस्ताव अब केंद्र के पास भेज दिया गया है.'

अब DPR को केंद्रीय कैबिनेट के पास भेजा जाएगा
उन्होंने बताया कि केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की तरफ से मंजूरी मिलने के बाद इस डीपीआर को केंद्रीय कैबिनेट में भेजा जाएगा. कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद आगे का काम शुरू किया जाएगा. कुमार केशव ने कहा, 'वर्तमान में लखनऊ में प्रस्तावित चारबाग-वसंत कुंज कॉरिडोर के डीपीआर को भी शासन से मंजूरी मिल गई है. जल्द ही यह प्रस्ताव भी मंजूरी के लिए केंद्र भेजा जाएगा. वहां से मंजूरी के बाद इन तीनों शहरों में मेट्रो रेल परियोजना के निर्माण का रास्ता साफ हो जाएगा.'

तीन शहरों में बिछेगी 95 किलोमीटर लंबी मेट्रो की जाल
आवास एवं शहरी नियोजन विभाग ने केंद्रीय नीति के आधार पर मेट्रो रेल के लिए डीपीआर तैयार कराया है. विभागीय सूत्रों के मुताबिक मेरठ में 32.95 किलोमीटर, कानपुर में 32 किलोमीटर और आगरा में 30 किलोमीटर मेट्रो चलेगी. इन तीनों शहरों में मेट्रो के लिए दो कॉरिडोर बनाए जाएंगे. दोनों कॉरिडोर का काम 2024 तक पूरा होने की संभावना है. इन तीनों शहरों में मेट्रो पर करीब चार हजार करोड़ रुपए का खर्च आएगा.

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Wednesday, 23 May 2018

PM मोदी ने स्वीकारा कोहली का चैलेंज, तो लगे हाथ तेजस्वी यादव ने दे दी ये चुनौती

पटना : मोदी सरकार में खेल मंत्री फिटनेस को लेकर जागरूकता अभियान चला रहे हैं. उन्होंने हाल ही में एक वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किया था और कुछ प्रमुख हस्तियों को टैग करते हुए इस अभियान में शामिल होने की अपील की थी. टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने उनके चैलेंज को स्वीकार करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी चुनौती दे डाली. पीएम मोदी ने उनकी चुनौती स्वीकार करते हुए जल्द ही वीडियो शेयर करने की बात कही. वहीं, इस अभियान में लालू यादव के बेटे और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव भी कूद पड़े, लेकिन उन्होंने इसे राजनीतिक रंग दे दिया.

तेजस्वी यादव ने ट्वीट करते हुए लिखा, 'हम विराट कोहली के चैलेंज को स्वीकार करने के खिलाफ नहीं हैं. मैं आपको चैलेंज देता हूं कि आप युवाओं को रोजगार, किसानों को राहत के साथ-साथ दलितों और अलपसंख्यंकों के खिलाफ हिंसा ना हो इसका वादा करें. क्या आप मेरे इस चैलेंज को स्वीकार करेंगे नरेंद्र मोदी सर?'


राठौड़ ने 'हम फिट तो इंडिया फिट' हैशटैग से ट्विटर पर यह फिटनेस चैलेंज शुरू किया है. ट्विटर पर अपलोड इस वीडियो में वह अपने दफ्तर में ही व्यायाम करते नजर आ रहे हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऊर्जा से प्रेरणा लेने की बात करते हुए लिखा, ''मैं जब प्रधानमंत्री जी को देखता हूं तो उनसे प्रेरित होता हूं. उनमें एक जबर्दस्त ऊर्जा है दिन रात काम करने की. वह चाहते हैं कि पूरा भारत फिट हो जाए. मैं उनसे प्रेरित होकर चाहता हूं कि आप अपना व्यायाम करते हुए वीडियो बनाए और दूसरों को प्रेरित करें.'

खेल मंत्री ने अपनी मुहिम में बॉलीवुड स्टार ऋतिक रोशन, साइना नेहवाल और विराट कोहली को नॉमिनेट किया था. सोशल मीडिया पर लोग राठौड़ की मुहिम की जमकर तारीफ कर रहे हैं. लोग चैलेंज के जवाब में फोटो और वीडियो पोस्ट कर रहे हैं.

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Friday, 18 May 2018

कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस के ये '20 विधायक' येदियुरप्पा को दिला सकते हैं सत्ता!

नई दिल्ली : कर्नाटक में सत्ता का ताज अंतत: किसके सिर सजेगा, इसका फैसला आज (19 मई ) शाम 4 बजे हो जाएगा. सुप्रीम कोर्ट ने बीएस येदियुरप्पा से कहा है कि वह शनिवार शाम 4 बजे कर्नाटक विधानसभा में अपना बहुमत साबित करें. पहले भाजपा को राज्यपाल ने बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन का समय दिया था. लेकिन कांग्रेस ने इसके विरोध में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कांग्रेस की याचिका पर सुनवाई करते हुए येदियुरप्पा को शनिवार को बहुमत साबित करने के लिए कहा. 

अब शाम 4 बजे भाजपा को अपना बहुमत साबित करना है. भाजपा के पास 104 विधायक हैं. जो बहुमत के आंकड़े 112 से कम है. वहीं कांग्रेस के पास 78 और जेडीएस के पास 38 विधायक हैं. कुल मिलाकर कांग्रेस और जेडीएस के पास 116 विधायक हैं. लेकिन कांग्रेस और जेडीएस के इन 116 विधायकों में 20 विधायक ऐसे हैं, जिनके बारे में कहा जा रहा है कि वह येदियुरप्पा की सरकार बचा सकते हैं. ये विधायक लिंगायत समुदाय से आते हैं. इनमें 18 लिंगायत विधायक कांग्रेस के और 2 लिंगायत विधायक जेडीएस के हैं. 

ये संभावनाएं हैं भाजपा के पक्ष में
इन 20 विधायकों के बारे में कहा जा रहा है कि ये शक्ति परीक्षण के समय क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं. टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, भाजपा के सूत्रों का कहना है कि इन लिंगायत विधायकों का अपने राजनीतिक भविष्य को देखते हुए ऐसा करना लाजिमी लगता है. चुनाव से पहले कांग्रेस ने घोषणा की थी, कि वह लिंगायतों को अलग धर्म के तौर पर मान्यता देगी. ये मुद्दा चुनाव में उस पर उल्टा पड़ गया. सबसे ज्यादा लिंगायत समुदाय ने इन चुनावों में भाजपा को वोट दिया.

 ऐसे में लिंगायत समुदाय के अंदर ये संदेश गया कि कांग्रेस ने उन्हें बांटने का दांव चला. ये कांग्रेस के विधायक इस बात को ध्यान में रखते हुए भी वोटिंग कर सकते हैं. कांग्रेस विधायक कांग्रेस के इस रुख के कारण पहले ही अपनी आपत्ति दर्ज करा चुके हैं. इसके अलावा कांग्रेस के लिंगायत विधायक इस बात से भी परेशान हैं कि कांग्रेस ने चुनाव बाद जेडीएस से गठबंधन कर लिया.
 इसके अलावा ये विधायक इसलिए भी भाजपा के पक्ष में जा सकते हैं, क्योंकि भाजपा ने सीएम उम्मीदवार बीएस येदियुरप्पा को बनाया हुआ है. येदियुरप्पा पूरे कर्नाटक में सबसे बड़ा लिंगायत चेहरा हैं.
कर्नाटक भाजपा के एक नेता ने बताया, 'मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद बीएस येदियुरप्पा ने विधायकों से अंतरात्मा की आवाज पर वोट देने की अपील की थी. इस अपील से साफ था, कि वह विपक्षी दलों में मौजूद लिंगायत विधायकों को अपनी ओर खींचना चाहते थे. कांग्रेस के एक और डर को बताते हुए उत्तरी कर्नाटक से आने वाले कांग्रेसी नेता मानते हैं कि येदियुरप्पा की हार से केवल लोकसभा चुनावों में लिंगायत वोट बीजेपी के पक्ष में ही जाएंगे.' वहीं बीजेपी के एक अन्य पदाधिकारी ने कहा, 'कांग्रेस और जेडीएस के बीच विश्वास की कमी को देखते हुए मिड-टर्म विधानसभा चुनाव की संभावना को नकारा नहीं जा सकता है.'

Source:-Zeenews

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