बीजिंग: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों पर विचारों का आदान प्रदान करने तथा दोनों देशों के बीच परस्पर संवाद को बढ़ावा देने के लिए 27 और 28 अप्रैल को साम्यवादी देश के वुहान शहर में एक अनौपचारिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने 22 अप्रैल को यह घोषणा की. वांग ने यहां के दौरे पर आईं विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के साथ बातचीत के बाद संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में बताया कि राष्ट्रपति शी के आमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी मध्य चीनी शहर आ रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘‘दोनों नेता उस रणनीतिक प्रकृति पर संवाद करेंगे जो दुनिया में एक सदी में हो रहे बदलाव से संबंधित होगा. साथ ही वे चीन भारत संबंधों के भविष्य के संबंध में दूरगामी व्यापक एवं रणनीतिक मामलों पर भी विचारों का आदान प्रदान करेंगे.’’
वर्ष 2014 में सत्ता में आने के बाद मोदी की यह चौथी चीन यात्रा होगी. वह 9 और 10 जून को क्विंगदाओ शहर में होने जा रहे एससीओ शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भी चीन आने वाले हैं. मोदी और शी की शिखर बैठक से पहले दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय संवाद की श्रृंखला संपन्न हो चुकी है. इसकी शुरुआत पिछले साल दिसंबर में चीनी विदेश मंत्री वांग की भारत यात्रा से हुई थी. डोकलाम गतिरोध के बाद दोनों देशों के बीच यह पहला उच्च स्तरीय संवाद था.
इसके बाद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और उनके चीनी समकक्ष यांग जिशी के बीच मुलाकात हुई. इस साल के शुरू में विदेश सचिव विजय गोखले भी बीजिंग गए थे. दोनों देशों के बीच 11 वें संयुक्त आर्थिक समूह की बैठक हो चुकी है. हाल ही में उनके बीच पांचवी रणनीतिक आर्थिक वार्ता भी हुई. दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों के अधिकारियों के बीच भी बैठक हुई. 22 अप्रैल को सुषमा और वांग के बीच हुई वार्ता में सीमा मामलों तथा सीमा के दूसरी ओर से बह कर आने वाली नदियों पर वर्किंग मैकेनिजम मीटिंग , निरस्त्रीकरण तथा अप्रसार वार्ता पर भी चर्चा हुई.
Source:-Zeenews
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वर्ष 2014 में सत्ता में आने के बाद मोदी की यह चौथी चीन यात्रा होगी. वह 9 और 10 जून को क्विंगदाओ शहर में होने जा रहे एससीओ शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भी चीन आने वाले हैं. मोदी और शी की शिखर बैठक से पहले दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय संवाद की श्रृंखला संपन्न हो चुकी है. इसकी शुरुआत पिछले साल दिसंबर में चीनी विदेश मंत्री वांग की भारत यात्रा से हुई थी. डोकलाम गतिरोध के बाद दोनों देशों के बीच यह पहला उच्च स्तरीय संवाद था.
इसके बाद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और उनके चीनी समकक्ष यांग जिशी के बीच मुलाकात हुई. इस साल के शुरू में विदेश सचिव विजय गोखले भी बीजिंग गए थे. दोनों देशों के बीच 11 वें संयुक्त आर्थिक समूह की बैठक हो चुकी है. हाल ही में उनके बीच पांचवी रणनीतिक आर्थिक वार्ता भी हुई. दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों के अधिकारियों के बीच भी बैठक हुई. 22 अप्रैल को सुषमा और वांग के बीच हुई वार्ता में सीमा मामलों तथा सीमा के दूसरी ओर से बह कर आने वाली नदियों पर वर्किंग मैकेनिजम मीटिंग , निरस्त्रीकरण तथा अप्रसार वार्ता पर भी चर्चा हुई.
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