Monday, 11 June 2018

किम जोंग-उन ने डोनाल्‍ड ट्रंप से मिलकर वह हासिल किया, जो उनके 'बाप-दादा' को नहीं मिला

उत्‍तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग-उन ने सिंगापुर में अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप से मुलाकात की है. द्वितीय विश्‍व युद्ध के दौर में कोरियाई प्रायद्धीप में हुए संघर्ष के बाद अस्तित्‍व में आए उत्‍तर कोरिया के किसी शासक की अमेरिकी राष्‍ट्रपति से यह पहली मुलाकात है. इससे पहले किसी मौजूदा अमेरिकी राष्‍ट्रपति की भी मुलाकात उत्‍तर कोरियाई शासक से नहीं हुई थी. यह मुलाकात इसलिए भी बेहद अहम है क्‍योंकि कम्‍युनिस्‍ट देश उत्‍तर कोरिया की पूंजीवादी एवं लोकतांत्रिक देश अमेरिका से मुलाकात हो रही है.

शीत युद्ध का दौर
इसी विचारधारात्‍मक अंतर के कारण अमेरिका और सोवियत संघ के बीच बंटे दो ध्रुवीय विश्‍व के बीच तकरीबन 50 सालों तक शीत युद्ध हुआ और 1991 में सोवियत संघ के विघटन के साथ ही इसका खात्‍मा हुआ. लेकिन उस दौर की चपेट में आए दो कम्‍युनिस्‍ट देश उत्‍तर कोरिया और क्‍यूबा इससे अभी तक अछूते ही रहे थे. ये अभी भी उसी युग की मानसिकता में जी रहे थे और पूंजीवादी अमेरिका को दुश्‍मन नंबर-1 मान रहे थे.

हालांकि कुछ समय पहले बराक ओबामा के दौर में क्‍यूबा कुछ हद तक इस मानसिकता से उस वक्‍त उबरा जब 60 बरस बाद वहां अमेरिका ने वाणिज्‍य दूतावास खोला. हालांकि अभी भी क्‍यूबा दुनिया की मुख्‍यधारा में शामिल नहीं हो सका है और अमेरिका से रिश्‍ते कमोबेश सर्द ही हैं.

किम जोंग-इल (1941-2011)
इस पृष्‍ठभूमि में उत्‍तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन की अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप से मुलाकात बेहद अहम है. ऐसा इसलिए क्‍योंकि भले ही उत्‍तर कोरियाई शासकों की तीसरी पीढ़ी सत्‍ता पर काबिज है लेकिन इससे पहले किम जोंग उन के पिता किम जोंग-इल (1941-2011) और दादा किम इल-सुंग (1912-94) की मौजूदा अमेरिकी राष्‍ट्र प्रमुखों से मुलाकात नहीं हुई. हालांकि ऐसा नहीं हुआ कि प्रयास नहीं हुए. किम जोंग-इल के दौर में उत्‍तर कोरिया ने कई अहम मिसाइल परीक्षण किए और परमाणु परीक्षण की कोशिशें कीं. नतीजतन उस पर संयुक्‍त राष्‍ट्र ने कई प्रतिबंध लगाए. अमेरिका ने ही इस अभियान का नेतृत्‍व किया. इन आर्थिक प्रतिबंधों का उत्‍तर कोरिया के जनजीवन पर गहरा असर पड़ा. इस चुनौती से निपटने के लिए किम जोंग-इल ने रूस और चीन जैसे अपने दोस्‍तों से मदद तो ली लेकिन अमेरिका से कुछ हासिल नहीं कर सके.

Source:-ZEENEWS

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